सुझाव एवँ विचार

सूचना: इस वेबसाईट को बनाने का उद्देश्य गांव को सूचना तकनीक से जोड़ना है जिससे गाँव का विकास हो | हमारा प्रयास किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं है | वेबसाईट में जोड़े गए तथ्यों में विरोधाभास होने पर उसे परिवर्तित कर दिया जायेगा | किसी भी त्रुटि के लिए हम आपसे क्षमा मंगाते है |हम आपसे सुझाव एवम सहयोग की अपेक्षा करते है |

 
 

विचार

हम सामाजिक चेतना के लिए बौद्धिक वर्ग से विचारों के विनिमय का आग्रह करते है |समाज एक दूसरे की आवश्यकतओं की पूर्ति के लिए बना है| हम समाज सेवी संगठनों से ,विचारकों से, उद्योगपतियों से एवं जन प्रतिनिधियों से ग्रामीण परिवेश की परिस्थितियों पर विचार करने का आग्रह करते है| हम गाँव मेंछोटे-छोटे रोजगार की संभावनों पर बल देतें है| आइये हममिलकर प्रयास करते है|

हमारा नारा है “चलो गाँव में एक रोजगार दे “रामदत्त मिश्र

 
जयजयपरमात्मन्संस्मरामोवयंत्वां
निजपरमहितार्थंकर्मयोगैकनिष्ठा: ।
इहजगतिसदानस्त्यागसेवाऽऽत्मबोधै:
भवतुविहतविघ्नाध्येयमार्गानुयात्रा॥१॥
वयंसुपुत्राअमृतस्यनूनं
तवैवकार्यार्थमिहोपजाता: ।
निष्कामबुद्धयाऽऽर्तविपन्नसेवा
विभो! तवाराधनमस्मदीयम्॥२॥
प्रभो! देहिदेहेबलंधैर्यमन्त:
सदाचारमादर्शभूतंविचारम्।
यदस्माभिरङ्गीकृतंपुण्यकार्यं
तवैवाशिषापूर्णतांतत्प्रयातु॥३॥
जीवनेयावदादानंस्यात्प्रदानंततोऽधिकम्।
इत्येषाप्रार्थनाऽस्माकंभगवन्परिपूर्यताम्॥४॥
ॐशान्ति: शान्ति: शान्ति: ॥श्री दीपक मिश्र
 
जीव, जीवन, प्रकृति शास्वत, सत्य और एक दूसरे के पूरक एवं प्रेरक है| जीव का जीव एवं प्रकृति से सहयोग ही परम धर्म एवं कर्तव्य पुण्य कार्य है| मानव प्रकृति की अनूठी कृति है अतः उसका कर्तव्य पालन भी अनूठा होना उचित है |ब्रह्म नारायण मिश्र
 
भारत विश्व में एकऐसा राष्ट्र है जिसकी आबादी के 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष की आयु से कम के है|हमें जरुरत है अपने इन युवा क्षमताओं के उपयोग से विकसित भारत के निर्माण की संभावनाओं पर विचार करने की| वेब पोर्टल के द्वारा गाँव के अपने वरिष्ठ जनो एवं युवाओं के मध्य संवादहीनता को समाप्त कर उनके मार्ग दर्शन में हम आगे बढ़ सकते है|हमारा गाँव स्मार्ट गाँव हो यहाँ की सड़के सही हो बिजली की उचित व्यवस्था हो| गाँव के लोगों के स्वास्थ्य की सही देखभाल हो एवं शिक्षा की व्यवस्था उचित हो |हमारी नैतिक जिम्मेदारी है की हमें जिस क्षेत्र की विशेषज्ञता हो उसकी जानकारी सूचना तकीनीक के माध्यम से गाँव के लोगों तक जरूर पहुँचानी चाहिए जिससे सही मायने में हमारा गाँव अपने जिले एवं देश में एक आदर्श एवं एक अनुकरणीय गाँव के रूप में अपनी पहचान बन सके हमें अपने बच्चों में शुरू से ही स्वच्छता की आदत डालनी चाहिए ताकि हमारा गाँव स्वच्छ गाँव बन सकेडॉ राजेश दूबे
 
मुझे अपने गाँव पर बहुत गर्व है यहाँ पर अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया और अपने पीछे बहुत सी परम्पराएं एवं मर्यादाएं नयी एवं आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए छोड़ कर गए है| हम चाहेंगे कि हमारा गाँव स्वच्छ रहे ,धन धान्य दूध, दही घी इत्यादि से परिपूर्ण रहे और यहाँ पर सभी ग्राम वासियों कि कामनायें उच्च शिक्षा स्वास्थ्य एवं रोजगार के विषय में पूर्ण हो | सभी लोग आपस में सौहार्द पूर्ण ढंग से रहें और बिना किसी जाति धर्म एवं आर्थिक भेदभाव के एक दूसरे का आदर एवं सम्मान करे | हमारी गाँव की सम्पन्नता एवं शांति के लिए हार्दिक शुभकामनाएं |डॉ० शंकर नाथ शुक्ल