हम सभी भिखारीरामपुर ग्रामवासी आपका स्वागत करते है |

 

भिखारीरामपुर गाँव भारत में उ० प्र० राज्य के भदोही जनपद (वाराणसी जनपद के पश्चिमी भाग से निकल कर ३० जून १९९४ में बना ) के सुरियावां थाना के अंतर्गत स्थित है| लगभग 250 वर्ष पूर्व पंडित भिखारीराम मिश्र के निवास से प्रारम्भ यह गाँव सुरियावां रेलवे स्टेशन से दक्षिण पूर्व के कोने में लगभग 6 किमी दूर स्थित है | इस गाँव का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 68.4819 हेक्टेयर है | 2011 की जनगणना के अनुसार कुल आबादी लगभग 2446 है| जिसमे 1262 पुरुष एवं 1184 महिला है हमारे इस गाँव में लगभग सभी जाति हिन्दू एवं मुस्लिम धर्म के लोग रहते है | गाँव के लोगो का मुख्य व्यवसाय खेती पशु पालन कालीन बुनाई एवं अन्य छोटे छोटे जातिगत पारम्परिक उद्द्योग है| गाँव की आबादी में से कुछ लोग अपने जीविकोपार्जन के लिए देश के विभिन्न शहरों में रहते है| भिखारीरामपुर ग्रामसभा में ही एक राजस्व गाँव चकवैदिक भी है | लगभग 21.9510 हेक्टेयर में बसे चकवैदिक गाँव की कुल आबादी लगभग 473 है | जिसमे 254 पुरुष एवं 219 महिला है|गाँव की मूलभूत सुविधाओं में प्राथमिक विद्यालय पूर्व माध्यमिक विद्यालय डाकघर एवं एक टुबवेल है| एक पक्की सड़क कसियापुर चकचंदा मार्ग, एक बड़ा एवं एक छोटा तालाब एक बाऊली तथा एक बड़ी नाली (बाहा) है| गाँव के विकास के लिए एक स्वयं सेवी संस्था भिखारीराम सेवा एवं शिक्षा समित भी है|

टीम

हम अपने गाँव कि उन्नति के लिए हमेशा तत्पर रहंगे |

विचार

  • हम अपने सभी आदरणीय ग्रामीण जनों को प्रणाम करते है |अब हमारा गांव सूचना तकनीक से जुड़ गया है |हम अपने सभी ग्रामीणजनो से अनुरोध करते है की अपने गांव को आदर्श गांव बनने में सहयोग करे |हम अपने गांव की कई छोटी मोटी समस्याओं को मिलकर दूर कर सकते है |हम अपने बौद्धिक वर्ग से आग्रह करते है कि अपने अनुभव को हम सब के साथ साझा करे और हम लोगों को सुझाव दे जिससे हम लोग अपने गांव का विकास कर सके | आपकी एक सोंच गांव की तस्वीर बदल सकती है | जो अन्य गाँवो के लिए भी प्रेरणादयाक हो सकता है
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    रामदत्त मिश्र
  • हम सामाजिक चेतना के लिए बौद्धिक वर्ग से विचारों के विनिमय का आग्रह करते है |समाज एक दूसरे की आवश्यकतओं की पूर्ति के लिए बना है| हम समाज सेवी संगठनों से ,विचारकों से, उद्योगपतियों से एवं जन प्रतिनिधियों से ग्रामीण परिवेश की परिस्थितियों पर विचार करने का आग्रह करते है| हम गाँव मेंछोटे-छोटे रोजगार की संभावनों पर बल देतें है| आइये हममिलकर प्रयास करते है|

    हमारा नारा है  “चलो गाँव में एक रोजगार दे “

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    रामदत्त मिश्र
  • जयजयपरमात्मन्संस्मरामोवयंत्वां
    निजपरमहितार्थंकर्मयोगैकनिष्ठा: ।
    इहजगतिसदानस्त्यागसेवाऽऽत्मबोधै:
    भवतुविहतविघ्नाध्येयमार्गानुयात्रा॥१॥
    वयंसुपुत्राअमृतस्यनूनं
    तवैवकार्यार्थमिहोपजाता: ।
    निष्कामबुद्धयाऽऽर्तविपन्नसेवा
    विभो! तवाराधनमस्मदीयम्॥२॥
    प्रभो! देहिदेहेबलंधैर्यमन्त:
    सदाचारमादर्शभूतंविचारम्।
    यदस्माभिरङ्गीकृतंपुण्यकार्यं
    तवैवाशिषापूर्णतांतत्प्रयातु॥३॥
    जीवनेयावदादानंस्यात्प्रदानंततोऽधिकम्।
    इत्येषाप्रार्थनाऽस्माकंभगवन्परिपूर्यताम्॥४॥
    ॐशान्ति: शान्ति: शान्ति: ॥
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    श्री दीपक मिश्र
  • जीव, जीवन, प्रकृति शास्वत, सत्य और एक दूसरे के पूरक एवं प्रेरक है| जीव का जीव एवं प्रकृति से सहयोग ही परम धर्म एवं कर्तव्य पुण्य कार्य है| मानव प्रकृति की अनूठी कृति है अतः उसका कर्तव्य पालन भी अनूठा होना उचित है |
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    ब्रह्म नारायण मिश्र
  • भारत विश्व में एकऐसा राष्ट्र है जिसकी आबादी के 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष की आयु से कम के है|हमें  जरुरत है अपने इन युवा क्षमताओं के उपयोग से विकसित भारत के निर्माण की संभावनाओं पर विचार करने की| वेब पोर्टल के द्वारा गाँव के अपने वरिष्ठ जनो एवं युवाओं के मध्य संवादहीनता को समाप्त कर उनके मार्ग दर्शन में हम आगे बढ़ सकते है|हमारा गाँव स्मार्ट गाँव हो यहाँ की सड़के सही हो बिजली की उचित व्यवस्था हो|   गाँव के लोगों के  स्वास्थ्य की सही देखभाल हो  एवं शिक्षा की व्यवस्था उचित हो |हमारी नैतिक जिम्मेदारी है की हमें  जिस क्षेत्र की विशेषज्ञता हो उसकी जानकारी  सूचना तकीनीक के माध्यम से गाँव के लोगों तक जरूर पहुँचानी चाहिए जिससे सही मायने में हमारा गाँव अपने जिले एवं देश में एक आदर्श एवं एक अनुकरणीय गाँव के रूप में अपनी पहचान बन सके   हमें अपने बच्चों में शुरू से ही स्वच्छता की आदत डालनी चाहिए ताकि हमारा गाँव स्वच्छ  गाँव बन सके
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    डॉ राजेश दूबे
  • मुझे अपने गाँव पर बहुत गर्व है यहाँ पर अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया और अपने पीछे बहुत सी परम्पराएं एवं मर्यादाएं नयी एवं आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए छोड़ कर गए है| हम चाहेंगे कि हमारा गाँव स्वच्छ रहे ,धन धान्य दूध, दही घी इत्यादि से परिपूर्ण रहे और यहाँ पर सभी ग्राम वासियों कि कामनायें उच्च शिक्षा स्वास्थ्य एवं रोजगार के विषय में पूर्ण हो | सभी लोग आपस में सौहार्द पूर्ण ढंग से रहें और बिना किसी जाति धर्म एवं आर्थिक भेदभाव के एक दूसरे का आदर एवं सम्मान करे | हमारी गाँव की सम्पन्नता एवं शांति के लिए हार्दिक शुभकामनाएं |
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    डॉ० शंकर नाथ शुक्ल

हमारा ध्येय

गाँव के विकास से ही देश का विकास संभव है | सूचना क्रांति के इस युग में हमारा लक्ष्य गाँव को सूचना तकनीक के माध्यम से जोड़कर गाँव के विकास का प्रयास करना है | सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं जैसे कृषि , शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुधन विकास, रोजगार एवं कार्य कुशलता आदि की जानकारी गाँव के लोंगो तक पहुंचना तथा गाँव की मूलभूत आवश्यकताओं को सरकार तक पहुंचने का प्रयास करना है| गाँव में रोजगार की समस्या सबसे बड़ी समस्या है| हमारा प्रयास गाँव में कार्य कुशलता प्रशिक्षण के द्वारा छोटे छोटे लघु उद्योग की स्थापना का प्रयास करना है जिससे युवाओं एवं गरीब मजदूरों को को काम मिल सके | कृषि प्रशिक्षण के द्वारा किसानों को लाभ पहुंचने का प्रयास करना है हम सभी ग्रामवासी कहीं भी रहकर गाँव से जुड़े रहे एवं अपने वरिष्ठजनों के मार्ग दर्शन में गांव के विकास का प्रयास करें हमारा ध्येय आपसी सहयोग के द्वारा गांव को आदर्श गांव बनाना है |

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सूचना: इस वेबसाईट को बनाने का उद्देश्य गांव को सूचना तकनीक से जोड़ना है जिससे गाँव का विकास हो | हमारा प्रयास किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं है | वेबसाईट में जोड़े गए तथ्यों में विरोधाभास होने पर उसे परिवर्तित कर दिया जायेगा | किसी भी त्रुटि के लिए हम आपसे क्षमा मंगाते है | हम आपसे सुझाव एवम सहयोग की अपेक्षा करते है |